Indore Water Crisis: इंदौर में पानी की किल्लत पर भड़के मेयर पुष्यमित्र, कांग्रेस को दिया कड़ा जवाब, घरों में पानी के लिए किया ये बड़ा दावा

इंदौर न्यूज़ (Tricky Khabar): मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में जैसे-जैसे सूरज की तपिश बढ़ रही है, वैसे-वैसे पानी की किल्लत (Indore Water Crisis) को लेकर शहर का सियासी पारा भी गरमाता जा रहा है। गर्मियों के मौसम में पानी की समस्या को लेकर अब इंदौर नगर निगम और विपक्ष (कांग्रेस) आमने-सामने आ गए हैं।

इस पूरे विवाद और पानी की किल्लत पर इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव (Indore Mayor Pushyamitra Bhargav) ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए जनता के सामने जल संकट की जमीनी हकीकत रखी है।

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Indore Water Crisis: कांग्रेस पर लगाया जनता को भ्रमित करने का आरोप

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर इंदौर की जनता को भ्रमित करने और सोशल मीडिया पर झूठी अफवाहें फैलाने का काम कर रही है। महापौर ने साफ किया कि नगर निगम (IMC) हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठा है, बल्कि शहर के हर कोने तक पानी पहुंचाने के लिए दिन-रात काम कर रहा है।

3 साल में बनीं 27 नई टंकियां, नर्मदा फेज-4 पर बड़ा अपडेट

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शहरवासियों को पानी की समस्या से निजात दिलाने का प्लान बताते हुए महापौर ने पिछले कुछ सालों का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया। उन्होंने बताया कि:

  • पिछले 3 वर्षों में इंदौर शहर में 27 नई पानी की टंकियों का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जिससे वाटर स्टोरेज क्षमता बढ़ी है।
  • नर्मदा परियोजना के चतुर्थ चरण (Narmada Project Phase 4) के तहत शहर के उन सभी हिस्सों में घर-घर पाइपलाइन से पानी पहुंचाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है, जो अब तक अछूते थे।
  • जिन इलाकों में फिलहाल नर्मदा की पाइपलाइन नहीं है, वहां जल्द ही नई लाइन बिछाने की मंजूरी दे दी गई है।

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टैंकरों के भरोसे प्यास बुझा रहे इलाके, भूजल स्तर गिरने से बढ़ी आफत

मेयर भार्गव ने स्वीकार किया कि गर्मी के इस मौसम में भूजल स्तर (Groundwater Level) काफी नीचे चला जाता है, जिसके कारण बोरिंग सूख जाते हैं और कुछ क्षेत्रों में अस्थाई रूप से पानी की समस्या खड़ी होती है।

Indore Water Crisis से निपटने के लिए नगर निगम ने बैकअप प्लान तैयार किया है। वर्तमान में पानी की कमी वाले प्रभावित इलाकों में 650 से अधिक टैंकरों के जरिए मुफ्त जल वितरण किया जा रहा है, ताकि किसी भी नागरिक को परेशान न होना पड़े। उन्होंने जनता से भी पानी की बर्बादी न करने की अपील की है।

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