Indore Ujjain Greenfield Corridor पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मुआवजा लौटाने पर जमीन अधिग्रहण पर भी रोक

मध्य प्रदेश के बहुप्रतीक्षित Indore Ujjain Greenfield Corridor प्रोजेक्ट को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। इंदौर और उज्जैन के बीच बनने वाले इस फोरलेन कॉरिडोर पर फिलहाल अदालत ने स्टे लगा दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि जिन किसानों ने अब तक मुआवजा नहीं लिया है, उनकी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। वहीं जिन किसानों ने मुआवजा ले लिया है, वे यदि रकम वापस कर देते हैं तो उनकी जमीन पर भी स्टे लागू हो जाएगा।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य सरकार सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाना चाहती थी। सरकार का दावा है कि इस नए कॉरिडोर के बनने से इंदौर से उज्जैन का सफर करीब 30 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

48 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर विवाद

प्रस्तावित Indore Ujjain Greenfield Corridor करीब 48.1 किलोमीटर लंबा होगा। इसे इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू कर उज्जैन बायपास के चिंतामण गणेश मंदिर के पास तक बनाया जाना है। परियोजना का उद्देश्य दोनों शहरों के बीच ट्रैफिक कम करना और सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना बताया गया है।

High Court gavel and legal documents representing court stay on Indore Ujjain Greenfield Corridor land acquisition case
Indore Ujjain Greenfield Corridor

हालांकि, इस परियोजना के लिए इंदौर जिले की हातोद तहसील के ग्राम सागवाल सहित कई गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही थी, जिसका स्थानीय किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि अधिग्रहण प्रक्रिया में कानूनी नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।

किसानों ने कोर्ट में उठाए ये सवाल

याचिका में किसानों की ओर से आरोप लगाया गया कि भूमि अधिग्रहण के लिए जारी नोटिफिकेशन अधूरा और नियमों के खिलाफ है। किसानों का कहना था कि नोटिफिकेशन में केवल एक्सपर्ट ग्रुप की राय शामिल की गई, जबकि सामाजिक प्रभाव आकलन (Social Impact Assessment) की समरी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए थी।

इसके अलावा किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने कई प्रक्रियात्मक नियमों को नजरअंदाज किया। मामले की सुनवाई के दौरान किसानों ने फोटो और दस्तावेजी साक्ष्य भी कोर्ट के सामने पेश किए।

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सरकार ने क्या कहा?

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन कानून के सभी प्रावधानों का पालन किया जाएगा। सरकार ने यह भी बताया कि कुछ किसान पहले ही मुआवजा ले चुके हैं और अन्य किसान भी मुआवजा लेने के लिए तैयार हैं।

सरकार का पक्ष था कि परियोजना सार्वजनिक हित से जुड़ी है और भविष्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी। लेकिन कोर्ट ने फिलहाल किसानों की आपत्तियों को गंभीर मानते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।

कोर्ट ने किसानों को दिया यह विकल्प

High Court gavel and legal documents representing court stay on Indore Ujjain Greenfield Corridor land acquisition case

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि जमीन का कब्जा अभी ले लिया जाता है और बाद में किसानों की याचिका सही साबित होती है, तो पूरी कानूनी प्रक्रिया का उद्देश्य खत्म हो जाएगा। इसी आधार पर कोर्ट ने अंतरिम राहत दी।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि:

  • जिन किसानों ने मुआवजा नहीं लिया है, उनकी जमीन की वर्तमान स्थिति बनी रहेगी।
  • जिन किसानों ने मुआवजा ले लिया है लेकिन वे केस लड़ना चाहते हैं, उन्हें मुआवजे की राशि वापस करनी होगी।
  • राशि लौटाने की तारीख से उनकी जमीन पर भी स्टे लागू माना जाएगा।
  • यदि कोई किसान स्वेच्छा से मुआवजा लेना चाहता है तो सरकार कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकेगी।

परियोजना पर क्या असर पड़ सकता है?

इस फैसले के बाद Indore Ujjain Greenfield Corridor की गति धीमी पड़ सकती है। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए सरकार इस सड़क परियोजना को प्राथमिकता में रख रही थी। ऐसे में कानूनी अड़चन आने से निर्माण कार्य की समयसीमा प्रभावित हो सकती है।

परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि इंदौर और उज्जैन के बीच बेहतर रोड कनेक्टिविटी की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है, लेकिन जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवाद भारत की अधिकांश इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

किसानों और विकास के बीच संतुलन की चुनौती

मध्य प्रदेश में तेजी से बढ़ रही सड़क और औद्योगिक परियोजनाओं के बीच भूमि अधिग्रहण एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। किसानों की चिंता अपनी कृषि जमीन और भविष्य को लेकर है, जबकि सरकार क्षेत्रीय विकास और तेज कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दे रही है।

फिलहाल हाईकोर्ट के इस आदेश ने परियोजना को अस्थायी रूप से रोक दिया है। आने वाली सुनवाई में यह साफ होगा कि Indore Ujjain Greenfield Corridor तय समय पर आगे बढ़ पाएगा या इसमें बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

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