India Bangladesh News: भारत और बांग्लादेश के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता! तीस्ता नदी जल विवाद पर आया सबसे बड़ा अपडेट

India Bangladesh News: भारत और उसके पड़ोसी देश बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों (India Bangladesh Relations) को लेकर आज एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है. दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच नई दिल्ली में हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद सालों से लंबित पड़े तीस्ता नदी जल बंटवारा विवाद (Teesta Water Dispute) और सीमा सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर मुहर लग गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के बीच हुए इस रणनीतिक समझौते को दक्षिण एशिया की राजनीति और चीन के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिहाज से एक गेम-चेंजर कदम माना जा रहा है [China and the Indo-Pacific].

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India Bangladesh News: तीस्ता नदी जल विवाद का क्या है पूरा मामला?

तीस्ता नदी का विवाद भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कई दशकों से एक बेहद संवेदनशील मुद्दा रहा है:

  1. भौगोलिक स्थिति: तीस्ता नदी भारत के सिक्किम और पश्चिम बंगाल से होते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है. बांग्लादेश के उत्तरी हिस्से की कृषि और करोड़ों किसानों की आजीविका पूरी तरह इसी नदी के पानी पर निर्भर है.
  2. ऐतिहासिक गतिरोध: साल 2011 में एक समझौता होने वाला था, जिसके तहत भारत को 42.5% और बांग्लादेश को 37.5% पानी मिलना था. लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार के कड़े विरोध के कारण यह समझौता ठंडे बस्ते में चला गया था.
  3. नया समाधान: आज हुई इस ऐतिहासिक बैठक में दोनों देशों ने पानी के उचित और वैज्ञानिक बंटवारे के लिए एक नया ‘जॉइंट डेटा शेयरिंग फ्रेमवर्क’ तैयार करने पर सहमति जताई है, जिससे दोनों देशों के किसानों को फायदा होगा.

सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और ‘क्रॉस-बॉर्डर’ कनेक्टिविटी पर बड़ा फैसला

India bangladesh news: Jigsaw puzzle puzzle handshake graphic with India and Bangladesh flags
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जल विवाद के अलावा दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन (Border Management) को लेकर भी कड़े फैसले लिए गए हैं:

  • शून्य मृत्यु दर (Zero Casualty Goal): भारत-बांग्लादेश सीमा पर होने वाली अनचाही हिंसक घटनाओं और तश्तरी को रोकने के लिए ‘बॉर्डर गॉर्ड्स’ को आधुनिक सर्विलांस और नॉन-लेथल हथियारों से लैस किया जाएगा.
  • नया ट्रेड कॉरिडोर: दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक नए रेलवे और सड़क मार्ग कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिससे पूर्वोत्तर भारत (North-East India) से बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह तक सीधे माल ढुलाई आसान हो जाएगी.
  • डिजिटल पेमेंट नेटवर्क: बहुत जल्द बांग्लादेश में भी भारत का UPI नेटवर्क पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा, जिससे दोनों देशों के पर्यटकों और व्यापारियों को करेंसी एक्सचेंज के झंझट से मुक्ति मिलेगी.

कूटनीतिक मायने: चीन की चाल पर भारत का करारा जवाब

India Bangladesh News- रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते के जरिए भारत ने बांग्लादेश में चीन के बढ़ते निवेश और कूटनीतिक दखल को करारा जवाब दिया है [China and the Indo-Pacific]. बांग्लादेश के तीस्ता बैराज प्रोजेक्ट में चीन भारी निवेश करना चाहता था, लेकिन भारत ने समय रहते इस प्रोजेक्ट को अपने हाथों में लेकर रणनीतिक बढ़त हासिल कर ली है.

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