भारत दौरे पर आ रहे हैं US Secretary Marco Rubio, ऊर्जा और रक्षा साझेदारी पर होगी बड़ी चर्चा

Marco Rubio India Visit: अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio 23 से 26 मई 2026 तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। यह उनके कार्यकाल का पहला भारत दौरा होगा और इसे दोनों देशों के बीच रणनीतिक रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

दौरे से पहले Marco Rubio ने भारत को अमेरिका का “महत्वपूर्ण साझेदार” और “मजबूत सहयोगी” बताया। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा, व्यापार और रक्षा सहयोग को और मजबूत करना चाहता है। आइए जानते हैं कि इस दौरे में क्या खास रहने वाला है।

Also Read: इटली की PM Giorgia Meloni ने बोला हिंदी का मशहूर डायलॉग, PM Modi के साथ ‘Melodi’ मोमेंट फिर हुआ वायरल

चार बड़े शहरों का दौरा करेंगे Marco Rubio

Marco Rubio अपने चार दिवसीय भारत दौरे के दौरान कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली जाएंगे। खास बात यह है कि करीब 14 साल बाद कोई अमेरिकी विदेश मंत्री कोलकाता का दौरा करने जा रहा है।

राजनयिक विशेषज्ञों के मुताबिक, इस यात्रा का मकसद केवल राजनीतिक बातचीत तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के साथ अमेरिकी जुड़ाव को भी मजबूत करना है।

ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा खास फोकस

Marco Rubio ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका रिकॉर्ड स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है। ऐसे में वॉशिंगटन चाहता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अमेरिका के साथ सहयोग बढ़ाए।

माना जा रहा है कि कच्चे तेल और गैस सप्लाई को लेकर दोनों देशों के बीच अहम बातचीत हो सकती है। वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े तनावों के बीच भारत वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश में भी है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ता है, तो भारत के लिए सप्लाई स्थिर रखने और आयात स्रोतों में विविधता लाने में मदद मिल सकती है।

व्यापार और रक्षा सहयोग पर भी चर्चा

नई दिल्ली में भारतीय अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकों में व्यापार और रक्षा साझेदारी भी प्रमुख एजेंडा रहने वाला है।

पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों देशों के बीच आधुनिक सैन्य उपकरण, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को लेकर कई समझौते हुए हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि इस दौरे में सप्लाई चेन, हाई-टेक सेक्टर और रक्षा निर्माण जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।

Also Read: क्या है Cockroach Janta Party? CJI बयान के बाद सोशल मीडिया पर छाया नया ट्रेंड

Quad बैठक में भी शामिल होंगे Rubio

Quad foreign ministers including S Jaishankar and Marco Rubio posing together with national flags during an international diplomatic meeting in New Delhi
Representational image

26 मई को नई दिल्ली में होने वाली Quad Foreign Ministers Meeting में भी मार्को रुबियो हिस्सा लेंगे। इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री भी मौजूद रहेंगे।

Quad समूह को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन और सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। हाल के वर्षों में यह मंच समुद्री सुरक्षा, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर ज्यादा सक्रिय हुआ है।

भारत-अमेरिका रिश्तों के लिए क्यों अहम है यह दौरा?

विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया ऊर्जा संकट, वैश्विक सप्लाई चेन दबाव और भू-राजनीतिक तनावों का सामना कर रही है। ऐसे में भारत और अमेरिका दोनों अपने रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करना चाहते हैं।

भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों में शामिल है, जबकि अमेरिका खुद को भरोसेमंद ऊर्जा सप्लायर के रूप में पेश कर रहा है। इसके अलावा टेक्नोलॉजी, रक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों की साझेदारी लगातार बढ़ रही है।

क्या संकेत देता है Rubio का बयान?

Marco Rubio का यह कहना कि अमेरिका भारत को “जितनी ऊर्जा चाहिए उतनी बेचने को तैयार है”, दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक भरोसे को दर्शाता है।

हालांकि Marco Rubio के इस दौरे के दौरान किसी बड़े समझौते की आधिकारिक घोषणा होगी या नहीं, यह अभी साफ नहीं है। लेकिन कूटनीतिक जानकार इसे आने वाले वर्षों में भारत-अमेरिका सहयोग के नए चरण की तैयारी के तौर पर देख रहे हैं।

फिलहाल सभी की नजर नई दिल्ली में होने वाली बैठकों और Quad सम्मेलन पर टिकी हुई है, जहां कई अहम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

Also Read: [EXCLUSIVE] PM E-DRIVE का कड़वा सच: आधी हुई EV सब्सिडी, जुलाई 2026 के बाद आम आदमी के लिए सपना बनेगी इलेक्ट्रिक गाड़ी?