Trump on India: भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने बहुत बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल राजनयिक कार्यक्रम के दौरान लाइव टेलीफोन कॉल पर ट्रंप ने खुले मंच से घोषणा की कि “भारत मुझ पर 100 फीसदी भरोसा कर सकता है।” इसके साथ ही ट्रंप ने एक बार फिर खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का “बहुत बड़ा फैन” बताया है।
यह हाई-प्रोफाइल तारीफ ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से आर्थिक और राजनयिक मुद्दों को लेकर थोड़ी तल्खी देखी जा रही थी। ट्रंप के इस बयान को दोनों देशों के रिश्तों को एक बार फिर से मजबूत करने की एक बड़ी कूटनीतिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
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Trump on India: लाइव फोन कॉल पर- “भारत जो चाहेगा, वो मिलेगा”
यह पूरा वाकया 24 मई 2026 का है, जब दिल्ली के भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में अमेरिकी दूतावास द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने अपना मोबाइल फोन स्पीकर पर रखा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे व्हाइट हाउस से इस कॉल में हिस्सा लिया।
लाइव फोन कॉल पर ट्रंप ने कहा, “भारत जो कुछ भी चाहता है, उसे वो मिलेगा। हमारे द्विपक्षीय संबंध इतिहास में आज सबसे ज्यादा करीब और मजबूत हैं।”
पीएम मोदी को व्हाइट हाउस का आधिकारिक न्योता, ‘नरक’ वाले बयान पर सफाई

इसी कार्यक्रम के दौरान भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने आधिकारिक तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया।
इसके साथ ही मार्को रुबियो ने हाल ही में हुए उस सोशल मीडिया विवाद पर भी डैमेज कंट्रोल (सफाई) किया, जिसमें ट्रंप ने एक ऐसी पोस्ट को रीशेयर कर दिया था जिसमें भारत को “नरक” (Hellhole) कहा गया था। रुबियो ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वह “इंटरनेट की कुछ बेवकूफाना चीजें” थीं और ट्रंप के मन में भारत के लिए केवल और केवल सम्मान है।
दोस्ती के पीछे का असली गणित: चीन की टेंशन और व्यापारिक नीतियां
Trump on India- भले ही मंच से दोस्ती की बड़ी-बड़ी बातें हो रही हों, लेकिन रक्षा और व्यापारिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ इस साझेदारी को काफी व्यावहारिक (Transactional) नजरिए से देखता है:
- चीन को घेरने की रणनीति: अमेरिका और भारत दोनों के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन का बढ़ता दबदबा है। हालांकि, भारत के मन में थोड़ी चिंता इस बात को लेकर भी है कि ट्रंप बीजिंग के साथ एक अलग आर्थिक साझेदारी और अपनी “G2” नीति पर भी काम कर रहे हैं।
- टैरिफ और $500 बिलियन का टारगेट: अमेरिका चाहता है कि साल 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचे। आगामी G7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के दौरान एक बड़े व्यापारिक समझौते (Trade Deal) पर मुहर लग सकती है।
- रूस और पाकिस्तान पर मतभेद: दोनों देशों के बीच रूस से भारत द्वारा लगातार खरीदे जा रहे सस्ते कच्चे तेल को लेकर अभी भी मतभेद हैं। इसके अलावा, पश्चिम एशिया के संकट में पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाने की ट्रंप की कोशिशों पर भी भारत नजर बनाए हुए है।
भारत और अमेरिका के बीच बदल रहे इस बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम और पीएम मोदी-ट्रंप की दोस्ती की यह खबर अपने दोस्तों के साथ WhatsApp पर तुरंत शेयर करें।

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