Royal Enfield Consumer Court Case: अगर आप भी बुलेट के दीवाने हैं या Royal Enfield की कोई नई मोटरसाइकिल खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। देश की सबसे पॉपुलर क्रूजर बाइक निर्माता कंपनी रॉयल एनफील्ड को कंज्यूमर कोर्ट (Consumer Court) से एक बहुत बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने कंपनी की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए उस पर 5.1 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोक दिया है।
यह पूरा मामला तमिलनाडु के कोयम्बटूर शहर का है, जहां एक परेशान ग्राहक की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और क्यों कोर्ट को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
294 दिनों तक वर्कशॉप में खड़ी रही Royal Enfield Continental GT 650
जानकारी के मुताबिक, कोयम्बटूर के रहने वाले एक ग्राहक ने बड़े शौक से रॉयल एनफील्ड की महंगी और प्रीमियम बाइक Continental GT 650 खरीदी थी। लेकिन बाइक शोरूम से निकलने के कुछ ही दिनों बाद से उसमें तकनीकी खराबियां आने लगीं।
ग्राहक जब भी बाइक को ठीक कराने सर्विस सेंटर ले जाता, कंपनी के मैकेनिक उसे पूरी तरह ठीक नहीं कर पाते थे। आलम यह हो गया कि बार-बार आने वाली तकनीकी दिक्कतों की वजह से यह चमचमाती बाइक 294 दिनों तक यानी करीब 10 महीने कंपनी के वर्कशॉप में ही धूल खाती खड़ी रही। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी ग्राहक अपनी बाइक चलाने के लिए तरस गया।
Royal Enfield Consumer Court Case, दिया ₹5.1 लाख मुआवजे का आदेश

सर्विस सेंटर के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुके ग्राहक ने हार नहीं मानी और अपने अधिकारों के लिए जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (Consumer Court) का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान रॉयल एनफील्ड कंपनी ग्राहक की समस्या का कोई ठोस जवाब नहीं दे सकी।
कंज्यूमर कोर्ट ने माना कि कंपनी ने ग्राहक को मानसिक रूप से परेशान किया और उसे खराब प्रोडक्ट बेचा। कोर्ट ने रॉयल एनफील्ड को आदेश दिया कि वह ग्राहक को मानसिक उत्पीड़न और सेवा में कमी के मुआवजे के तौर पर 5.1 लाख रुपये की भारी रकम का भुगतान करे।
गाड़ी खराब होने पर आम लोग कैसे ले सकते हैं कंज्यूमर कोर्ट की मदद?
Royal Enfield Consumer Court Case- यह फैसला देश के उन लाखों गाड़ी मालिकों के लिए एक बड़ी मिसाल है जो कंपनियों की मनमानी और खराब सर्विस से परेशान रहते हैं। अगर आपकी नई गाड़ी में भी बार-बार खराबी आ रही है और कंपनी उसे ठीक नहीं कर रही, तो आप यह कदम उठा सकते हैं:
- शिकायत दर्ज करें: सबसे पहले कंपनी को लिखित या ईमेल पर अपनी समस्या भेजें और सारे सर्विस रिकॉर्ड संभाल कर रखें।
- ई-दाखिल (e-Daakhil) पोर्टल: आप घर बैठे भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल
edaakhil.nic.inके जरिए कंपनी के खिलाफ सीधे कंज्यूमर फोरम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। - वकील की जरूरत नहीं: उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज करने के लिए आपको किसी महंगे वकील की भी जरूरत नहीं होती, आप खुद अपनी बात रख सकते हैं।
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राज प्रजापति, TrickyKhabar.com के संस्थापक और CEO हैं। वे एक अनुभवी कंटेंट राइटर भी हैं, जो टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एंटरटेनमेंट और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च-बेस्ड, सरल और यूज़र-फ्रेंडली लेख लिखते हैं। राज का मानना है कि खबरें तभी असरदार होती हैं जब वे सटीक, साफ़ और समझने लायक हों। पिछले 3+ वर्षों से वे SEO और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं।