Mohammed Shami Court Case इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) के रोमांच के बीच भारतीय स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) को कानूनी मोर्चे पर एक बहुत बड़ी राहत मिली है। पिछले कई सालों से अपनी पूर्व पत्नी हसीन जहां (Hasin Jahan) के साथ चल रहे लंबे विवाद के बीच कोलकाता की अलीपुर अदालत ने मोहम्मद शमी के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
यह पूरा मामला 1 लाख रुपये के चेक बाउंस (Cheque Bounce Case) से जुड़ा था, जिसमें करीब चार साल की लंबी सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शमी को सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले को शमी के लिए एक बड़ी नैतिक और कानूनी जीत माना जा रहा है।
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Mohammed Shami Court Case: क्या था पूरा मामला और हसीन जहां के आरोप?
यह विवाद साल 2018 में शुरू हुआ था जब हसीन जहां ने मोहम्मद शमी और उनके परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए जादवपुर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद हसीन जहां ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई कि शमी ने उन्हें घरेलू खर्चों के लिए 1 लाख रुपये का एक चेक दिया था, जो बैंक में डालने पर बाउंस हो गया।
इस मामले में पिछले 4 साल से अलीपुर कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही थी। आखिरकार, अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि हसीन जहां द्वारा मोहम्मद शमी पर लगाए गए चेक बाउंस के आरोप साबित नहीं हो सके। साक्ष्यों की कमी के कारण कोर्ट ने भारतीय तेज गेंदबाज को क्लीन चिट दे दी।
बरी होने के बाद मोहम्मद शमी का बड़ा बयान

इस कानूनी राहत के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान मोहम्मद शमी काफी आश्वस्त नजर आए और उन्होंने खुशी जाहिर की:
अदालत से राहत मिलने के बाद मोहम्मद शमी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मुझे हमेशा से देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और मैं जानता था कि फैसला मेरे पक्ष में ही आएगा। मैंने अपनी तरफ से वो हर एक रुपया चुकाया है जो मुझे चुकाना चाहिए था। चाहे मैदान पर हो या मैदान के बाहर, मैं हमेशा हर स्थिति को अपनी पूरी क्षमता से संभालने की कोशिश करता हूँ।”
क्या अब खत्म हो गया है पूरा विवाद?
Mohammed Shami Court Case: भले ही चेक बाउंस मामले में मोहम्मद शमी को बहुत बड़ी राहत मिल गई हो, लेकिन दोनों के बीच कानूनी लड़ाई अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
- कलकत्ता उच्च न्यायालय के मौजूदा आदेश के मुताबिक, शमी हर महीने हसीन जहां को 1.5 लाख रुपये और अपनी बेटी की परवरिश के लिए 2.5 लाख रुपये (कुल 4 लाख रुपये प्रति माह) का गुजारा भत्ता (Alimony) दे रहे हैं।
- हसीन जहां ने इस रकम को नाकाफी बताते हुए गुजारे भत्ते को बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति माह करने की मांग के साथ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
फिलहाल, आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए खेल रहे मोहम्मद शमी के लिए यह कोर्ट वर्डिक्ट मानसिक तनाव को कम करने वाला साबित होगा।
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