Silver News Today: शुक्रवार का दिन कीमती धातुओं के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा। MCX पर चांदी ने दोपहर में इतिहास रचते हुए पहली बार ₹2 लाख प्रति किलोग्राम का मनोवैज्ञानिक स्तर पार कर लिया। लेकिन देर रात आते-आते वही चमक दब गई और भाव में तेज़ गिरावट देखी गई। सोना भी दिन में रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुंचा, हालांकि चांदी जितनी तीखी गिरावट इसमें नहीं देखी गई।
2 लाख के पार गई चांदी, लेकिन रात होते-होते ₹8,000 सस्ती
मार्च सिल्वर फ्यूचर्स में दोपहर तक ट्रेडिंग शांत थी। लेकिन अचानक आई खरीदारी ने बाजार का माहौल बदल दिया।
MCX पर चांदी का भाव ₹2,01,388/kg तक पहुंच गया — यानी एक नया ऐतिहासिक स्तर। इस उछाल में 10,000 से ज्यादा लॉट की आक्रामक खरीदारी और मजबूत ग्लोबल संकेतों की भूमिका रही।
लेकिन जैसे ही दाम मनोवैज्ञानिक ऊँचाई पर पहुंचे, ट्रेडर्स ने मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया।
रात 11:42 बजे तक चांदी ₹1,92,379/kg पर आ गई — यानी दिन के उच्च स्तर से करीब ₹6,563 (3.3%) की गिरावट।
एक वरिष्ठ कमोडिटी विश्लेषक के अनुसार, “इतनी तेज़ रैली के बाद शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स का मुनाफा बुक करना स्वाभाविक था। रिटेल और हाई-वॉल्यूम ट्रेडर्स दोनों ने इसका फायदा उठाया।”
सोना भी बना नया रिकॉर्ड, लेकिन गिरावट सीमित रही

चांदी की जोरदार हलचल के बीच सोना भी पीछे नहीं रहा। फरवरी गोल्ड फ्यूचर्स ने ₹1,35,199/10 ग्राम का अब तक का सर्वोच्च स्तर छुआ।
ETF में बाद लगातार inflow, कई देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा खरीदारी बढ़ाने, और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व से संभावित रेट कट की उम्मीदों ने सोने को मजबूत समर्थन दिया।
रात तक सोने का भाव थोड़ा नरम होकर ₹1,33,505/10 ग्राम पर रहा, यानी 0.78% ऊपर।
चांदी की तुलना में सोना स्थिर रहा — यह इस बात का संकेत है कि सोने की safe-haven demand अभी भी मजबूत है।
कीमतें क्यों बढ़ रहीं? — 3 बड़े कारण
1. ग्लोबल इन्वेंट्री कम और इंडस्ट्रियल डिमांड तेज़
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सिल्वर स्टॉक्स कम हो रहे हैं, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और EV सेक्टर में मांग तेजी से बढ़ रही है। इससे कीमतों में स्वाभाविक दबाव बना है।
2. अमेरिका ने सिल्वर को Critical Minerals List में शामिल किया
इस कदम से चांदी की दीर्घकालिक मांग और रणनीतिक महत्व बढ़ गया है। निवेशकों का भरोसा भी इसी कारण मजबूत हुआ।
3. भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता
कमोडिटी शोध फर्मों का कहना है कि वैश्विक मंदी की आशंकाओं और राजनीतिक तनाव ने सोना-चांदी दोनों की safe-haven demand बढ़ा दी है।
इस साल सोना-चांदी का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा

- सोना: लगभग 70% की वृद्धि
- चांदी: लगभग 115% की तेज़ उछाल
इतने बड़े स्तर की वृद्धि आमतौर पर कम ही देखने को मिलती है, और यही वजह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव भी अब ज्यादा तीखा दिख रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले सप्ताह भी सिल्वर में भारी volatility बनी रह सकती है, क्योंकि speculative activity काफी तेज है और सप्लाई से जुड़े दबाव लगातार बाजार की दिशा प्रभावित कर रहे हैं।
निष्कर्ष: Silver News Today
चांदी का ₹2 लाख का ऐतिहासिक स्तर पार करना बाजार के लिए एक बड़ा संकेत है — मांग मजबूत है और वैश्विक परिस्थितियाँ धातुओं के पक्ष में हैं।
लेकिन यह भी साफ है कि कीमतें जितनी तेज़ चढ़ती हैं, उतनी ही तेजी से गिर भी सकती हैं।
निवेशकों के लिए आज का सबक स्पष्ट है:
तेज़ रैलियों में लालच नहीं, रणनीति ज़रूरी है।
सोना-चांदी दोनों की चमक बनी रहेगी, लेकिन उतार-चढ़ाव के साथ।
Disclaimer: इस लेख में दी गई कीमतें MCX डेटा, उद्योग विश्लेषकों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। सोना और चांदी की दरें वैश्विक बाजार, मांग, सप्लाई और मुद्रा उतार-चढ़ाव के अनुसार बदल सकती हैं। पाठकों को निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है।
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Abhay Singh TrickyKhabar.com के एक दक्ष और मल्टी-टैलेंटेड कंटेंट राइटर हैं, जो हेल्थ, गैजेट्स, शायरी और सरकारी योजनाओं जैसे विविध विषयों पर लिखते हैं। Abhay का फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि पाठकों को सरल, सटीक और उपयोगी जानकारी मिले — वो भी एक ऐसी भाषा में जो दिल से जुड़े।








