No PUC No Fuel: दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने गुरुवार से सबसे सख्त ट्रैफिक और ईंधन नियम लागू कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा निर्देशों के बाद राजधानी में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले निजी वाहनों पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही PUC (Pollution Under Control) सर्टिफिकेट के बिना ईंधन नहीं देने का नियम (No PUC No Fuel) भी लागू हो गया है। यह कदम तब उठाया गया है, जब वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर बनी हुई है और GRAP Stage IV पूरे NCR में प्रभावी है।
किन वाहनों पर लगी रोक?
नए नियमों के तहत:
- 10 साल से पुराने डीज़ल वाहन (BS-III या उससे नीचे) दिल्ली की सड़कों पर नहीं चल सकेंगे।
- 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन भी प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।
- गैर-दिल्ली रजिस्टर्ड निजी वाहन, जो BS-VI मानकों को पूरा नहीं करते, अब राजधानी में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
इन नियमों का मकसद साफ है—सड़कों से सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को अस्थायी रूप से हटाना, जब तक हवा की हालत सुधरती नहीं।
No PUC No Fuel का क्या मतलब है?

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री के अनुसार, वैध PUC सर्टिफिकेट के बिना किसी भी वाहन को ईंधन नहीं दिया जाएगा। पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे, वॉयस अलर्ट और ट्रांसपोर्ट विभाग की टीमें तैनात हैं।
PUC सर्टिफिकेट:
- अधिकृत केंद्रों पर उत्सर्जन जांच के बाद जारी होता है।
- कीमत ₹60–₹100 (वाहन के प्रकार पर निर्भर)।
- BS-IV और BS-VI वाहनों के लिए 12 महीने तक वैध।
छूट किन्हें मिलेगी?
इन प्रतिबंधों से:
- CNG और इलेक्ट्रिक वाहन,
- सार्वजनिक परिवहन,
- आपात सेवाएं और
- आवश्यक वस्तुएं ढोने वाले वाहन
बाहर रखे गए हैं।
हालांकि, निर्माण सामग्री ढोने वाले ट्रक GRAP-IV के तहत दिल्ली में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
कैसे हो रहा है सख्त प्रवर्तन?
अधिकारियों के मुताबिक, शहरभर में 126 चेकपॉइंट्स पर करीब 580 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पेट्रोल पंपों और एंट्री पॉइंट्स पर ट्रांसपोर्ट विभाग की टीमें नियमों का पालन सुनिश्चित कर रही हैं। तकनीक और फील्ड-लेवल निगरानी—दोनों के जरिए सख्ती बरती जा रही है।
हवा की हालत और आगे का अंदाज़ा

बुधवार को भी शहर पर स्मॉग छाया रहा। आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ से ‘सीवियर’ के बीच बनी रहने का अनुमान है। एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के मुताबिक, अगले छह दिन राहत के आसार कम हैं।
दिल्ली के कई इलाकों में AQI ऊंचा बना हुआ है—कुछ जगहों पर परिवहन का योगदान प्रदूषण में 16% से ज्यादा दर्ज किया गया।
निष्कर्ष
दिल्ली के नए नियम साफ संदेश देते हैं—जब हवा जहरीली हो, तो ढील नहीं। No PUC No Fuel और पुराने वाहनों पर रोक से तात्कालिक राहत मिल सकती है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। नागरिकों के लिए यह सही समय है कि वे अपने PUC अपडेट रखें, अनावश्यक ड्राइव से बचें और संभव हो तो क्लीन मोबिलिटी की ओर कदम बढ़ाएं। हवा सुधरेगी, तो ये सख्तियां भी हटेंगी—लेकिन तब तक सहयोग ही सबसे बड़ा उपाय है।
Disclaimer: यह लेख सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली सरकार के आदेशों पर आधारित है। नियम GRAP Stage IV लागू रहने तक प्रभावी हैं और परिस्थितियों के अनुसार बदले जा सकते हैं।
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Abhay Singh TrickyKhabar.com के एक दक्ष और मल्टी-टैलेंटेड कंटेंट राइटर हैं, जो हेल्थ, गैजेट्स, शायरी और सरकारी योजनाओं जैसे विविध विषयों पर लिखते हैं। Abhay का फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि पाठकों को सरल, सटीक और उपयोगी जानकारी मिले — वो भी एक ऐसी भाषा में जो दिल से जुड़े।








