New Zealand Sikh Parade: न्यूज़ीलैंड के दक्षिण ऑकलैंड में आयोजित एक शांतिपूर्ण नागर कीर्तन उस वक्त विवाद का केंद्र बन गया, जब एक दक्षिणपंथी समूह ने सिख धार्मिक जुलूस को बीच सड़क पर रोक दिया। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिनमें नीली टी-शर्ट पहने लोग सड़क पर खड़े होकर पारंपरिक माओरी नृत्य हाका करते नजर आए। इस पूरी घटना ने न सिर्फ न्यूज़ीलैंड, बल्कि भारत में भी तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दीं।
Also Read: Mumbai Marina Project: ₹887 करोड़ की मंजूरी, हार्बर में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मरीना
क्या हुआ नगर कीर्तन के दौरान?

जानकारी के मुताबिक, यह घटना ग्रेट साउथ रोड पर हुई, जहां सिख समुदाय का धार्मिक जुलूस आगे बढ़ रहा था। तभी कुछ लोग सामने आकर खड़े हो गए और नारेबाज़ी के साथ हाका करने लगे, जिससे जुलूस को रुकना पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच खुद को तैनात कर स्थिति को बिगड़ने से रोका। आयोजकों ने बाद में बताया कि नगर कीर्तन के लिए सभी जरूरी अनुमतियां ली गई थीं और यह व्यवधान पूरी तरह अप्रत्याशित था।
विवाद के केंद्र में कौन?
इस प्रदर्शन से जुड़े लोग कथित तौर पर पेंटेकोस्टल पादरी Brian Tamaki के समर्थक बताए जा रहे हैं, जो Destiny Church के प्रमुख हैं। तमाकी ने खुद इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए दावा किया कि यह “न्यूज़ीलैंड की पहचान” की रक्षा के लिए किया गया कदम था। उन्होंने सिख जुलूस को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए, हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किए गए।
हाका का सांस्कृतिक संदर्भ
हाका माओरी संस्कृति का एक अहम प्रतीक है, जिसे गर्व, एकता और पहचान के रूप में देखा जाता है। आमतौर पर यह नृत्य सांस्कृतिक और सामुदायिक आयोजनों में किया जाता है। लेकिन इस घटना के बाद माओरी समुदाय के कई लोगों ने नाराज़गी जताई कि उनकी संस्कृति का इस्तेमाल नफरत और डर फैलाने के लिए किया गया।
न्यूज़ीलैंड में राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना पर न्यूज़ीलैंड के कई सांसदों ने कड़ा रुख अपनाया। सांसद Priyanca Radhakrishnan ने कहा कि न्यूज़ीलैंड सैकड़ों भाषाओं और कई धर्मों का घर है, और कोई एक व्यक्ति यह तय नहीं कर सकता कि “कीवी” कौन है या नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी हरकतें समाज को बांटने का काम करती हैं।
सांसद Oriini Kaipara और Marama Davidson ने भी सिख समुदाय के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि हाका का इस्तेमाल नस्लवाद या धार्मिक भेदभाव के लिए करना माओरी मूल्यों के खिलाफ है।
भारत में भी उठा मुद्दा

भारत में भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष Sukhbir Singh Badal ने केंद्र सरकार से न्यूज़ीलैंड सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगर कीर्तन सिख धर्म की पवित्र परंपरा है और इसका विरोध धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
निष्कर्ष- New Zealand Sikh Parade
New zealand sikh parade से जुड़ा यह विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि बहुसांस्कृतिक समाजों में सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान को कैसे मजबूत किया जाए। सिख समुदाय की ओर से संयम और शांति का परिचय दिया गया, वहीं राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर समर्थन की आवाजें भी बुलंद हुईं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि संवाद और समझ के जरिए इस तरह के टकरावों को कैसे रोका जाता है, ताकि विविधता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत बनी रहे।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो, मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। प्रस्तुत की गई तस्वीरें और विज़ुअल्स घटनाक्रम को दर्शाने के लिए उपयोग किए गए हैं, जिनका उद्देश्य किसी समुदाय, धर्म या संस्कृति को ठेस पहुंचाना नहीं है। इस खबर का मकसद केवल सूचना देना और घटनाक्रम को संतुलित तरीके से प्रस्तुत करना है।
Also Read: Dhurandhar Day 17 Collection Worldwide: ₹845 करोड़ पार, 2025 की नंबर-1 हिंदी फिल्म

TrickyKhabar की टीम जानकारी को सिर्फ खबर नहीं, एक ज़िम्मेदारी मानती है।हमारे हर आर्टिकल के पीछे होती है गहरी रिसर्च, फैक्ट चेकिंग और यह सोच कि पाठकों को वही कंटेंट मिले जिस पर वे भरोसा कर सकें।हम टेक्नोलॉजी, ऑटो, एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग खबरों को सरल भाषा में पेश करने के लिए समर्पित हैं — ताकि आप हर जानकारी को सही तरीके से समझ सकें और स्मार्ट निर्णय ले सकें।








