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Delhi Pollution News: हवा Severe होते ही GRAP-4 लागू, स्कूल हाइब्रिड मोड पर शिफ्ट

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Delhi Pollution News: हवा Severe होते ही GRAP-4 लागू, स्कूल हाइब्रिड मोड पर शिफ्ट
Delhi Pollution News: हवा Severe होते ही GRAP-4 लागू, स्कूल हाइब्रिड मोड पर शिफ्ट

Delhi Pollution News: दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। रविवार को राजधानी की हवा ‘सीवियर’ श्रेणी में पहुंचते ही प्रशासन ने GRAP Stage-4 के तहत सबसे सख्त आपात प्रतिबंध लागू कर दिए। इसके असर अब सीधे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखने लगे हैं—स्कूलों से लेकर दफ्तरों तक, हर जगह बदलाव नजर आ रहा है।

GRAP-4 क्यों लागू करना पड़ा?

Delhi Pollution News: हवा Severe होते ही GRAP-4 लागू, स्कूल हाइब्रिड मोड पर शिफ्ट
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी संस्था Commission for Air Quality Management (CAQM) के अनुसार, शनिवार शाम तक हालात तेजी से बिगड़े। पहले GRAP-3 लागू किया गया था, लेकिन कुछ ही घंटों में स्थिति और खराब हो गई।
शाम करीब 4 बजे AQI 431 दर्ज किया गया, जो 6 बजे तक 441 तक पहुंच गया। ऐसे में प्रशासन को मजबूरन GRAP-4 लागू करना पड़ा, जो आमतौर पर ‘Severe Plus’ हालात के लिए रखा जाता है।

CAQM का कहना है कि GRAP-4 के तहत पूरे NCR में सभी सख्त उपाय तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं, ताकि प्रदूषण के स्तर को और बढ़ने से रोका जा सके।

स्कूल और दफ्तरों में क्या बदला?

दिल्ली सरकार ने हालात को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है।
कक्षा 11 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को हाइब्रिड मोड में शिफ्ट कर दिया गया है, जबकि कक्षा 10 को इससे छूट दी गई है।

दफ्तरों में भीड़ कम करने के लिए सरकारी कार्यालयों में 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं। निजी कंपनियों को भी सलाह दी गई है कि वे काम के समय में बदलाव करें, ताकि सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो सके।

हालांकि, अस्पताल, बिजली-पानी की आपूर्ति, सार्वजनिक परिवहन और आपात सेवाओं को इन प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है।

लोगों की सेहत पर असर, बढ़ी चिंता

इस Delhi pollution news के बीच सबसे ज्यादा चिंता आम लोगों की सेहत को लेकर है।
ANI से बातचीत में कई निवासियों ने आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और थकान की शिकायत की।

द्वारका के रहने वाले हर्ष वर्धन का कहना है कि “प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, सांस लेना मुश्किल हो रहा है। सरकार को और सख्त कदम उठाने चाहिए।”
वहीं, एक अन्य निवासी सुरेश ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि AQI अक्सर 300 से ऊपर ही बना रहता है।

विशेषज्ञों की राय: GRAP तात्कालिक इलाज, स्थायी समाधान नहीं

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पर्यावरण विशेषज्ञ भावरीन कंधारी ने GRAP को “रिएक्टिव कदम” बताया है। उनके मुताबिक, “जब हालात बहुत खराब हो जाते हैं, तब GRAP-4 लगाया जाता है। कुछ दिनों बाद AQI सुधरते ही इसे हटा लिया जाता है, लेकिन समस्या जड़ से वहीं की वहीं रहती है।”

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रदूषण के स्रोत—जैसे ट्रैफिक, निर्माण कार्य, औद्योगिक उत्सर्जन और पराली जलाने—पर सालभर लगातार काम नहीं होगा, तब तक हर साल यही स्थिति दोहराई जाएगी।

आगे क्या उम्मीद की जाए?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगर हवा की गति नहीं बढ़ी या बारिश नहीं हुई, तो अगले कुछ दिन भी राहत मिलने की उम्मीद कम है। ऐसे में GRAP-4 के प्रतिबंध कुछ समय तक जारी रह सकते हैं।

निष्कर्ष- Delhi Pollution News

दिल्ली में प्रदूषण अब सिर्फ मौसम से जुड़ी समस्या नहीं रहा, बल्कि यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। GRAP-4 जैसे कदम हालात को थोड़ी राहत जरूर देते हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए लंबी और ठोस नीतियों की जरूरत है।
जब तक हवा साफ नहीं होती, तब तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है—खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी CAQM, सरकारी निर्देशों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। वायु गुणवत्ता और प्रतिबंधों की स्थिति मौसम व प्रशासनिक निर्णयों के अनुसार बदल सकती है। पाठकों से अनुरोध है कि स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेते समय आधिकारिक सलाह का पालन करें।

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