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F1 2026 Cars: नए नियम, हल्की कारें और Boost Mode से बदलेगी रेसिंग

F1 2026 Cars: नए नियम, हल्की कारें और Boost Mode से बदलेगी रेसिंग
F1 2026 Cars: नए नियम, हल्की कारें और Boost Mode से बदलेगी रेसिंग

फॉर्मूला 1 की दुनिया एक बार फिर बड़े बदलाव की दहलीज़ पर खड़ी है। F1 2026 cars के साथ खेल में ऐसे नियम लागू होने जा रहे हैं, जो कारों के डिजाइन से लेकर ट्रैक पर ओवरटेक करने के तरीके तक सब कुछ बदल देंगे। 2025 सीज़न के सफल समापन के बाद, Formula 1 और Fédération Internationale de l’Automobile (FIA) ने 2026 के लिए जिन नए नियमों की घोषणा की है, उनका मकसद रेसिंग को ज्यादा तेज़, रोमांचक और टिकाऊ बनाना है।

छोटी, हल्की और ज्यादा फुर्तीली कारें

2026 में F1 कारों का आकार और वजन दोनों कम होंगे। व्हीलबेस को करीब 200 मिमी घटाकर 3.4 मीटर किया जाएगा, जबकि कार की चौड़ाई 100 मिमी कम होकर 1.9 मीटर रह जाएगी। फ्लोर की चौड़ाई भी घटेगी, जिससे एयर ड्रैग कम होगा।

टायरों में भी बदलाव अहम है—फ्रंट टायर 25 मिमी और रियर टायर 30 मिमी तक संकरे होंगे। इसका सीधा असर कार की फुर्ती और फ्यूल एफिशिएंसी पर पड़ेगा। सबसे बड़ा बदलाव वजन में है: नई कारें मौजूदा मॉडल्स से करीब 30 किलो हल्की होंगी, जिससे ड्राइवरों को ज्यादा कंट्रोल और तेज़ रिस्पॉन्स मिलेगा।

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पावर यूनिट्स में 50-50 का फॉर्मूला

F1 2026 Cars: नए नियम, हल्की कारें और Boost Mode से बदलेगी रेसिंग
F1 2026 Cars

F1 2026 cars में पावर यूनिट का बंटवारा 50% इलेक्ट्रिक और 50% इंटरनल कंबशन इंजन के बीच होगा। ये इंजन उन्नत सस्टेनेबल फ्यूल पर चलेंगे, जो F1 के नेट-ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम है। इसका मतलब है कि रेसिंग सिर्फ तेज़ ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिहाज़ से भी ज्यादा जिम्मेदार होगी।

चार नए टर्म्स जो रेसिंग बदल देंगे

Boost Mode

यह ड्राइवर को एक बटन दबाते ही बैटरी और इंजन से अधिकतम पावर देता है। ओवरटेक करना हो या पीछे से हमले को रोकना—यह मोड कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।

Overtake Mode

यह पुराने DRS सिस्टम की जगह लेगा। अगर कोई ड्राइवर आगे वाली कार से एक सेकंड के भीतर है, तो उसे अतिरिक्त पावर मिलेगी। अब रियर विंग्स खुले-बंद नहीं होंगे, जिससे ओवरटेक ज्यादा नैचुरल और व्हील-टू-व्हील रेसिंग बढ़ेगी।

Active Aero

फ्रंट और रियर विंग्स ट्रैक के हिसाब से अपने एंगल बदल सकेंगे। मोड़ों पर ज्यादा ग्रिप और स्ट्रेट्स पर ज्यादा स्पीड—दोनों का संतुलन मिलेगा।

Recharge

ब्रेकिंग, थ्रॉटल लिफ्ट या आंशिक पावर पर मोड़ों में कार बैटरी को दोबारा चार्ज कर सकेगी। इससे एनर्जी मैनेजमेंट ड्राइवर की स्किल का बड़ा हिस्सा बन जाएगा।

फैंस के लिए क्या बदलेगा?

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F1 2026 Cars

इन सभी बदलावों का मतलब साफ है—ज्यादा ओवरटेक, कम प्रोसेशनल रेसिंग और ज्यादा ड्राइवर इनपुट। तकनीक और ड्राइविंग स्किल का यह नया मेल दर्शकों को हर लैप में कुछ नया देखने का मौका देगा।

निष्कर्ष

F1 2026 cars सिर्फ नई कारें नहीं, बल्कि फॉर्मूला 1 के भविष्य की झलक हैं। छोटे आकार, हल्का वजन, स्मार्ट एयरोडायनामिक्स और टिकाऊ पावर—ये सब मिलकर रेसिंग को एक नए युग में ले जाएंगे। अब नज़रें 2026 के पहले ग्रां प्री पर हैं, जहां ये बदलाव पहली बार ट्रैक पर हकीकत बनेंगे।

Disclaimer: यह लेख FIA और Formula 1 द्वारा घोषित नियमों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। तकनीकी नियमों में सीज़न से पहले या दौरान बदलाव संभव हैं।

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