भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर बड़े बदलाव की दहलीज़ पर खड़ी है। केंद्र सरकार ने मुंबई हार्बर में “विकसित भारत Mumbai Marina Project” को हरी झंडी दे दी है। करीब ₹887 करोड़ की लागत से बनने वाला यह मरीना न सिर्फ शहर की समुद्री पहचान को नया आयाम देगा, बल्कि पर्यटन, रोजगार और निजी निवेश के नए रास्ते भी खोलेगा।
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क्या है Mumbai Marina Project?

यह प्रस्तावित मरीना मुंबई हार्बर के लगभग 12 हेक्टेयर जल क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसकी क्षमता—यहां 30 मीटर तक लंबाई वाली 424 यॉट्स को एक साथ बर्थ करने की सुविधा होगी। अधिकारियों के मुताबिक, इस स्तर की सुविधा भारत में अभी बहुत सीमित है, और यही कारण है कि इस परियोजना को मुंबई को ग्लोबल मैरीटाइम टूरिज़्म मैप पर स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
निवेश और लागत का ढांचा
कुल ₹887 करोड़ की इस परियोजना में सार्वजनिक और निजी—दोनों तरह का निवेश शामिल है। Mumbai Port Authority लगभग ₹470 करोड़ का निवेश कर समुद्री बुनियादी ढांचा तैयार करेगा। शेष ₹417 करोड़ एक निजी ऑपरेटर द्वारा लगाए जाएंगे, जो ऑनशोर सुविधाओं का विकास करेगा। टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और बोलियां दिसंबर 2025 के अंत तक आमंत्रित की गई हैं।
किस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा?
समुद्री हिस्से में सुरक्षित यॉट संचालन के लिए अप्रोच ट्रेसल, पाइल्ड ब्रेकवॉटर, सर्विस प्लेटफॉर्म, पॉन्टून और गैंगवे बनाए जाएंगे। वहीं जमीन पर बनने वाला ढांचा Mumbai Marina Project को खास बनाता है—यहां मरीना टर्मिनल के साथ नमो भारत इंटरनेशनल सेलिंग स्कूल, मैरीटाइम टूरिज़्म डेवलपमेंट सेंटर, होटल और क्लब हाउस, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और यॉट रिपेयर व स्टैकिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

क्यों अहम है यह परियोजना?
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री Sarbananda Sonowal के अनुसार, यह मरीना “वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा, वॉटरफ्रंट को आम लोगों के लिए खोलेगा और निजी निवेश को प्रोत्साहित करेगा।” समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, इससे मरीना ऑपरेशंस, हॉस्पिटैलिटी, क्रूज़ सेवाओं और संबंधित क्षेत्रों में 2,000 से ज्यादा रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय योजनाओं से कैसे जुड़ता है यह कदम?
Mumbai Marina Project केंद्र सरकार की ब्लू इकॉनमी रणनीति का हिस्सा है। यह Maritime India Vision 2030, Maritime Amrit Kaal Vision 2047, Sagarmala Programme और Cruise Bharat Mission जैसे राष्ट्रीय ढांचों के अनुरूप है। इन पहलों का मकसद भारत के तटीय शहरों को आर्थिक और पर्यटन हब के रूप में विकसित करना है।
निष्कर्ष- Mumbai Marina Project
मुंबई हमेशा से समुद्र से जुड़ा शहर रहा है, लेकिन मरीना जैसी सुविधाएं उसे एक नए वैश्विक स्तर पर ले जा सकती हैं। Mumbai Marina Project सिर्फ यॉट्स और टूरिज़्म तक सीमित नहीं है—यह शहर के वॉटरफ्रंट को फिर से लोगों से जोड़ने और समुद्री अर्थव्यवस्था को गति देने का प्रयास है। अगर योजना तय समय और गुणवत्ता के साथ पूरी होती है, तो मुंबई हार्बर आने वाले वर्षों में शहर की नई पहचान बन सकता है।
Disclaimer: यह रिपोर्ट सरकारी घोषणाओं, मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध प्रोजेक्ट विवरणों पर आधारित है। दिखाया गया विज़ुअल/इमेज प्रस्तावित मुंबई मरीना परियोजना का कॉन्सेप्ट डिज़ाइन है। परियोजना की लागत, डिज़ाइन, समय-सीमा और सुविधाएं संबंधित प्राधिकरणों की अंतिम स्वीकृति के अनुसार बदल सकती हैं।
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