Mumbai Water Cut: नवी मुंबई के उरण तालुका में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले महीने आसान नहीं होने वाले हैं। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (MIDC) ने रनसाई डैम से होने वाली पानी आपूर्ति पर सख्ती करते हुए हर हफ्ते मंगलवार और शुक्रवार को दो दिन की पानी कटौती लागू कर दी है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और इसका उद्देश्य गर्मियों से पहले घटते जलस्तर को संभालना बताया जा रहा है।
हालांकि उरण क्षेत्र में दिसंबर–जनवरी के दौरान पानी कटौती आम बात मानी जाती है, लेकिन इस बार स्थिति कुछ ज्यादा ही गंभीर नजर आ रही है।
रनसाई डैम का जलस्तर चिंताजनक स्तर पर

डिघोड़े गांव में स्थित रनसाई डैम उरण तालुका की जीवनरेखा माना जाता है। यही डैम उरण टाउनशिप, आसपास की 20 ग्राम पंचायतों, न्हावा शेवा बंदरगाह और कई सरकारी संस्थानों को प्रतिदिन लगभग 35 मिलियन लीटर पानी सप्लाई करता है।
MIDC के अधिकारियों के अनुसार, डैम का जलस्तर अब गिरकर 112 फीट पर आ गया है। मौजूदा समय में इसमें केवल 4.650 एमसीएम पानी बचा है, जबकि इसकी कुल क्षमता 10 एमसीएम है। जुलाई में डैम ओवरफ्लो हुआ था, लेकिन उसके बाद लगातार खपत और बारिश की कमी के चलते जलस्तर तेजी से घटता चला गया।
जनसंख्या बढ़ी, पानी पर दबाव बढ़ा
MIDC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उरण और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में जनसंख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसके साथ ही पानी के उपभोक्ताओं की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।
अधिकारी के मुताबिक, “अगर अभी से सप्लाई को नियंत्रित नहीं किया गया, तो अप्रैल–मई की भीषण गर्मी में हालात और बिगड़ सकते हैं। यह कटौती हमें आने वाले मानसून तक पानी बचाने में मदद करेगी।”
यानी यह फैसला सिर्फ मौजूदा स्थिति के लिए नहीं, बल्कि आने वाले महीनों की तैयारी के तौर पर लिया गया है।
स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी
उरण के कई निवासियों का कहना है कि दो दिन की नियमित कटौती से घरेलू दिनचर्या प्रभावित होगी। कामकाजी परिवारों, छोटे व्यवसायों और स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों को पहले से ही पानी स्टोर करने की चिंता सताने लगी है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि जिन इलाकों में टैंकर पर निर्भरता ज्यादा है, वहां खर्च और बढ़ सकता है। कुछ लोगों ने यह भी मांग की है कि MIDC पानी के वितरण में समानता बनाए रखे और वैकल्पिक स्रोतों की व्यवस्था पर भी ध्यान दे।
MIDC की अपील: पानी का जिम्मेदार इस्तेमाल करें

MIDC ने नागरिकों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की है।
अधिकारियों ने साफ कहा है कि गैर-जरूरी कामों—जैसे वाहन धोना, खुले में पाइप से पानी बहाना—से बचना जरूरी है। यदि लोगों का सहयोग मिला, तो पानी की आपूर्ति को मानसून तक संभालकर रखा जा सकता है।
आगे क्या हालात बन सकते हैं?
जल विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अगले कुछ महीनों में प्री-मानसून बारिश नहीं हुई, तो कटौती और सख्त हो सकती है। उरण जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाके में जल प्रबंधन अब केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी बन चुका है।
निष्कर्ष- Mumbai Water Cut
उरण में शुरू हुई दो दिन की साप्ताहिक पानी कटौती इस बात का संकेत है कि शहरी विस्तार और सीमित जल संसाधनों के बीच संतुलन बनाना अब बड़ी चुनौती बन चुका है।
जब तक मानसून राहत नहीं देता, तब तक पानी बचाना ही सबसे बड़ा उपाय है। आज की थोड़ी सावधानी आने वाले महीनों में बड़े संकट से बचा सकती है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी MIDC अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। पानी कटौती का समय और अवधि जलस्तर व प्रशासनिक निर्णयों के अनुसार बदल सकती है। नागरिकों से अनुरोध है कि आधिकारिक सूचनाओं पर भी ध्यान दें।
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Abhay Singh TrickyKhabar.com के एक दक्ष और मल्टी-टैलेंटेड कंटेंट राइटर हैं, जो हेल्थ, गैजेट्स, शायरी और सरकारी योजनाओं जैसे विविध विषयों पर लिखते हैं। Abhay का फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि पाठकों को सरल, सटीक और उपयोगी जानकारी मिले — वो भी एक ऐसी भाषा में जो दिल से जुड़े।








